महमूद शाह बंगाल के अंतिम स्वतंत्र राजा छेलै । हिनको मृत्यु 1439 ई. म॑ कहलगांव म॑ होलो छेलै । शक्तिशाली पठान शासक शेर शाह के हाथों हार के बाद, हुनी चुनार म॑ मुगल सम्राट हुमायूँ यहाँ शरण लेलकै। बंगाल स॑ हुनको अनुपस्थिति म॑ हुनको राजधानी प॑ अफगानी नँ धावा बोली देलकै । ओकरो बाद हुनका शासन सँ बर्खास्त करी देलो गेलै आरु हुनको दोनो बेटा दल्ल‌‌‌ क अफगानी न॑ हत्या करी देलकै। महमूद शाह, मुगल सम्राट हुमायूँ से हाथ मिलैला के बाद, शेर शाह प॑ हमला करै लेली कहलगाँव तक आगू बढ़लो रहै । लेकिन, अपनो दोनो बेटा के मौत आरु अपनो राजधानी के लूट के खबर सुनी क, हुनी ऐतना चिंताग्रस्त होय गेलै कि कुछ दिन के बीमारी के बाद ही 1439 ई. म॑ कहलगांव म॑ हुनको मृत्यु होय गेलै । जैंजा बाद म॑ हुनको मकबरा बनैलो गेलै। यही लेली महमूद शाह के मकबरा के ऐगो महान ऐतिहासिक महत्त्व छै।